धूल कितने रंग बदले डोर और पतंग बदले
जब तलक जिंदा कलम है हम तुम्हें मरने न देंगे

खो दिया हमने तुम्हें तो पास अपने क्या रहेगा
कौन फिर बारूद से सन्देश चन्दन का कहेगा
मृत्यु तो नूतन जनम है हम तुम्हें मरने न देंगे।

तुम गए जब से न सोई एक पल गंगा तुम्हारी
बाग में निकली न फिर हस्ते गुलाबों की सवारी
हर किसी की आँख नम है हम तुम्हें मरने न देंगे

तुम बताते थे कि अमृत से बड़ा है हर पसीना
आँसुओं से ज्यादा कीमती है न कोई नगीना
याद हरदम वह कसम है हम तुम्हें मरने न देंगे

तुम नहीं थे व्यक्ति तुम आजादियों के कारवाँ थे
अमन के तुम रहनुमा थे प्यार के तुम पासवाँ थे
यह हकीकत है न भ्रम है हम तुम्हें मरने न देंगे

तुम लड़कपन के लड़कपन तुम जवानो की जवानी
सिर्फ दिल्ली ही न हर दिल था तुम्हारी राजधानी
प्यार वह अब भी न कम है हम तुम्हें मरने न देंगे

बोलते थे तुम न तुममें बोलता था देश सारा
बस नहीं इतिहास ही तुमने हवाओं को सवाँरा
आज फिर धरती नरम है हम तुम्हें मरने न देंगे

"ये खूबसूरत पंक्तियां उं वीरों के नाम जो भारत को चीन की इस लड़ाई व जंग में भारतीयों के हृदय में एक ज्वाला उत्पन्न कर रहे हैं".....🇮🇳🇮🇳🙏🙏🔥🔥.

जय हिन्द

जय भारत....🇮🇳🇮🇳🇮🇳...

हम भारत के वासी और हम अपने देश पर गर्व होना चाहिए। हम स्वाभिमान के साथ भारत को चीन के खिलाफ इस जंग में भारत का नेतृत्व करना चाहिए और हो सके तो चीनी समान को बंद करना चाहिए.....